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Showing posts from February, 2021
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 Feb 20 to 26.      By :- DS MEENA खजुराहो   भारत  के  मध्य प्रदेश   प्रान्त  में स्थित एक प्रमुख शहर है जो अपने प्राचीन एवं मध्यकालीन मंदिरों के लिये विश्वविख्यात है। यह मध्य प्रदेश के  छतरपुर  जिले में स्थित है। खजुराहो को प्राचीन काल में 'खजूरपुरा' और 'खजूर वाहिका' के नाम से भी जाना जाता था। यहां बहुत बड़ी संख्या में प्राचीन हिन्दू और जैन मंदिर हैं। मंदिरों का शहर खजुराहो पूरे विश्व में मुड़े हुए पत्थरों से निर्मित मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। खजुराहो को इसके अलंकृत मंदिरों की वजह से जाना जाता है जो कि देश के सर्वोत्कृष्ठ मध्यकालीन स्मारक हैं। भारत के अलावा दुनिया भर के आगन्तुक और पर्यटक प्रेम के इस अप्रतिम सौंदर्य के प्रतीक को देखने के लिए निरंतर आते रहते हैं।  हिन्दू   कला  और  संस्कृति  को शिल्पियों ने इस शहर के पत्थरों पर मध्यकाल में उत्कीर्ण किया था। विभिन्न कामक्रीडाओं को इन मंदिरों में बेहद खूबसूरती के उभारा गया है। खजुराहो का मंदिर एक सभ्य सन्दर्भ, जीवंत सांस्कृतिक संपत्ति, और एक हजार आवाजें, जो से...
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H1N8  भारत सरकार के मुताबिक, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, केरल जैसे राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो भारत में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद कई राज्यों में हलचल मच गई है. अब बर्ड फ्लू के मध्य प्रदेश में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं. एमपी में सैकड़ों की संख्या में कौवे मर गए और उनमें बर्ड फ्लू का यह वायरस मिला है. इससे पहले राजस्थान के कई इलाके में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आये थे. भारत सरकार के मुताबिक, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, केरल में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है. ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसके जरिए देश में आ रहे ऐसे मामलों पर नज़र रखी जा रही है. राज्य सरकारों के साथ मिलकर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं भारत सरकार के मुताबिक, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, केरल जैसे राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है. भारत में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद कई राज्यों में हलचल मच गई है. अब बर्ड फ्लू के मध्य प्रदेश में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं. एमपी में सैकड़ों की संख्या में कौवे मर गए और उनमें बर्ड फ्लू का यह वायरस मिला है. इससे पह...
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International mother language day अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 21 FEBRUARY शहीद मीनार , ढाका मेडिकल कॉलेज कैम्पस,  बांग्लादेश  में स्थित शहीद स्मारक ,21 फरवरी 1952 पर बांग्ला (बंगाली ) भाषा के लिए बलिदान की स्मृति। आधिकारिक नाम अन्तरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस उद्देश्य भाषाई और सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषावाद के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना। तिथि 21  फरवरी आवृत्ति वार्षिक इस दिवस को मनाने का उद्देश्य है कि विश्व में भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता और  बहुभाषिता  को बढ़ावा मिले। यूनेस्को द्वारा अन्तरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की घोषणा से  बांग्लादेश  के  भाषा आन्दोलन दिवस  (बांग्ला: ভাষা আন্দোলন দিবস / भाषा आन्दोलोन दिबॉश) को अन्तरराष्ट्रीय स्वीकृति मिली, जो बांग्लादेश में सन  1952  से मनाया जाता रहा है। बांग्लादेश में इस दिन एक राष्ट्रीय अवकाश होता है। 2008  को  अन्तरराष्ट्रीय भाषा वर्ष  घोषित करते हुए,  संयुक्त राष्ट्र आम सभा  ने अन्तरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के महत्व को फिर दोहराया है। अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा ...