INS KALVARI
आईएनएस कलवरी (एस50)
आईएनएस कलवरी एस50 भारतीय नौसेना के छह कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियों में पहली पनडुब्बी है जिसका निर्माण भारत में हो रहा है। यह एक डीजल-इलेक्ट्रिक अटैक वाली पनडुब्बी है जिसे डीसीएनएस द्वारा डिजाइन किया गया है और इसे मुंबई में माझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में निर्मित किया गया है।
कितनी ताकतवर है स्कार्पीन सबमरीन कलवरी
- सबमरीन कलवरी में स्टेट ऑफ आर्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है.
- कलवरी एडवांस्ड साइलेंसिग टेक्निक से लैस है.
- शोर और ध्वनि को कम रखने के लिए सबमरीन में रेडिएटेड टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है.
- कलवरी को हाइड्रो-डॉयनामिकली ऑप्टिमाइज्ड शेप दिया गया है.
- ये सबमरीन दुश्मनों पर अपने घातक हथियारों से हमला करने में सक्षम है.
- कलवरी टारपीडो और ट्यूब तरीके से एंटी-शिप मिसाइल का इस्तेमाल कर सकती है.
आईएनएस कलवरी भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते रणनीतिक रिश्ते का सबूत है. आईएनएस कलवरी से भारतीय नौसेना का और मजबूती मिलेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कलवरी के विकास में लगे सभी कर्मचारियों को शुक्रिया और बधाई कहा.
- उन्होंने कहा कि कलवरी को राष्ट्र को समर्पित करना सौभाग्य की बात. 21वीं सदी के विकास का रास्ता हिंद महासागर से निकलेगा. प्रधानमंत्री ने भारतीय नौसेना को बधाई दी.
- चाहे समुद्र के रास्ते आने वाला आतंकवाद हो, पाइरेसी की समस्या हो, ड्रग्स की तस्करी हो या फिर अवैध फिशिंग, भारत इन सभी चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
- आज सवा सौ करोड़ भारतीयों के लिए बहुत गौरव का दिन है. मैं सभी देशवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बहुत-बहुत बधाई देता हूं.
- INS कलवरी पनडुब्बी को राष्ट्र को समर्पित करना, मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है. मैं देश की जनता की तरफ से भारतीय नौसेना को भी बहुत-बहुत शुभकामनाएं अर्पित करता हूं.
- कलवरी की शक्ति, या कहें टाइगर शार्क की शक्ति हमारी भारतीय नौसेना को और मजबूत करेगी. यह मेक इन इंडिया का उत्तम उदाहरण है.
आईएनएस कलवरी एक डीजल-इलेक्ट्रिक युद्धक पनडुब्बी है, जिसे भारतीय नौसेना के लिए मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने बनाया है. यह स्कॉर्पीन श्रेणी की उन 6 पनडुब्बियों में से पहली पनडुब्बी है, जिसे भारतीय नौसेना में शामिल किया जाना है. यह मेक इन इंडिया पहल की कामयाबी को दर्शाता है. इस परियोजना को फ्रांस के सहयोग से चलाया जा रहा है.
फ्रांस की रक्षा एवं उर्जा कंपनी डीसीएनएस द्वारा डिजाइन की गयी पनडुब्बियां भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट-75 के तहत बनायी जा रही हैं.
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